ट्रेलर : डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'द ब्रदरहुड' का ट्रेलर हुआ रिलीज जो दादरी के बिसाहड़ा कांड पर बनी है | brotherhood-documentary-film-official-trailer-released based on dadri case: Hindipost News




ट्रेलर : डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'द ब्रदरहुड' का ट्रेलर हुआ रिलीज जो दादरी के बिसाहड़ा कांड पर बनी है

Updated on 18 May 2017 by Hindipost


                    

दादरी के बिसाहड़ा कांड की हकीकत को बयां करती ये डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘द ब्रदरहुड’ मंगलवार की शाम को ट्रेलर रिलीज हो चूका है। इस ट्रेलर यू ट्यूब पर देखा जा सकता है। पहली ही झलक में पता चलता है कि बिसाहड़ा जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं परेशानी तो पैदा कर सकती हैं लेकिन यहां हिन्दू और मुस्लिमों के बीच गहरे रिश्तों को खत्म कभी नहीं कर सकती हैं। 

डॉक्यूमेंट्री ‘द ब्रदरहुड’ का निर्माण पंकज पाराशर ने ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब के सहयोग से किया है।  पंकज पाराशर ने बताया है की, ‘द ब्रदरहुड’ में बिसाहड़ा कांड और अखलाख की हत्या से पैदा हुई कई परिस्थितियों को दर्शाया है। यहां के दो गांवों घोड़ी बछेड़ा और तिल बेगमपुर के बीच रिश्ते इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म का मुख्य विषय हैं। घोड़ी बछेड़ा हिन्दू ठाकुरों का गांव है और तिल बेगमपुर में मुस्लिम ठाकुर रहते हैं। लेकिन घोड़ी बछेड़ा गांव, तिल बेगमपुर गांव को अपना बड़ा भाई मानता है। इसके पीछे कई ऐतिहासिक घटनाएं मानी जाती हैं। पंकज पाराशर ने बताया है की, करीब 24 मिनट के इस डॉक्यूमेंट्री के दौरान ग्रेटर नोएडा, दादरी, जैसलमेर, सोमनाथ और ऋषिकेश से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाएं और स्थल देखने को मिलेंगे। 

28 सितंबर साल 2015 की रात दादरी के गांव बिसाहड़ा में गौ हत्या के आरोप में अखलाख की हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद से इनटोलरेंस का जुमला भारतीय राजनीति और मीडिया में छा गया है। ऐसा लगा जैसे यहां हिन्दू और मुसलमान साथ नहीं रह सकते है। लेकिन तस्वीर बिल्कुल जुदा है। इस इलाके में हिन्दू और मुस्लिमों के रिश्तों को डॉक्यूमेंट्री सामने लाएगी। 

पंकज पाराशर ने बताया की, बिसाहड़ा के पड़ोस में घोड़ी बछेड़ा और तिल बेगमपुर हैं। घोड़ी बछेड़ा गांव भाटी गोत्र के हिन्दू ठाकुरों का है। तिल बेगमपुर में भाटी गोत्र के मुस्लिम ठाकुर का हैं। घोड़ी बछेड़ा गांव तिल बेगमपुर गांव को अपना बड़ा भाई मानता है। मतलब, एक हिन्दू गांव का बड़ा भाई मुस्लिम गांव है। 
इन लोगों के इसी भाईचारे, घटनाओं और इतिहास को डॉक्यूमेंटरी द ब्रदरहुड में दिखाया जायगा। अब जब देश में सांप्रदायिकता के नाम पर माहौल खराब किया जा रहा है। ऐसे में यह डॉक्यूमेंट्री अच्छा संदेश देती है। 

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर भी फिल्म के विषय और इसके ट्रेलर की खूब चर्चा हो रही है। ‘द ब्रदरहुड’ के सह-निर्देशक हेमंत राजौरा ने फिल्म का ट्रेलर ट्वीट किया है जिस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। 
देखिये ‘द ब्रदरहुड’ का ट्रेलर :

 




ट्रेलर : डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'द ब्रदरहुड' का ट्रेलर हुआ रिलीज जो दादरी के बिसाहड़ा कांड पर बनी है

Updated on 18 May 2017 by Hindipost



              

दादरी के बिसाहड़ा कांड की हकीकत को बयां करती ये डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘द ब्रदरहुड’ मंगलवार की शाम को ट्रेलर रिलीज हो चूका है। इस ट्रेलर यू ट्यूब पर देखा जा सकता है। पहली ही झलक में पता चलता है कि बिसाहड़ा जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं परेशानी तो पैदा कर सकती हैं लेकिन यहां हिन्दू और मुस्लिमों के बीच गहरे रिश्तों को खत्म कभी नहीं कर सकती हैं। 

डॉक्यूमेंट्री ‘द ब्रदरहुड’ का निर्माण पंकज पाराशर ने ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब के सहयोग से किया है।  पंकज पाराशर ने बताया है की, ‘द ब्रदरहुड’ में बिसाहड़ा कांड और अखलाख की हत्या से पैदा हुई कई परिस्थितियों को दर्शाया है। यहां के दो गांवों घोड़ी बछेड़ा और तिल बेगमपुर के बीच रिश्ते इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म का मुख्य विषय हैं। घोड़ी बछेड़ा हिन्दू ठाकुरों का गांव है और तिल बेगमपुर में मुस्लिम ठाकुर रहते हैं। लेकिन घोड़ी बछेड़ा गांव, तिल बेगमपुर गांव को अपना बड़ा भाई मानता है। इसके पीछे कई ऐतिहासिक घटनाएं मानी जाती हैं। पंकज पाराशर ने बताया है की, करीब 24 मिनट के इस डॉक्यूमेंट्री के दौरान ग्रेटर नोएडा, दादरी, जैसलमेर, सोमनाथ और ऋषिकेश से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाएं और स्थल देखने को मिलेंगे। 

28 सितंबर साल 2015 की रात दादरी के गांव बिसाहड़ा में गौ हत्या के आरोप में अखलाख की हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद से इनटोलरेंस का जुमला भारतीय राजनीति और मीडिया में छा गया है। ऐसा लगा जैसे यहां हिन्दू और मुसलमान साथ नहीं रह सकते है। लेकिन तस्वीर बिल्कुल जुदा है। इस इलाके में हिन्दू और मुस्लिमों के रिश्तों को डॉक्यूमेंट्री सामने लाएगी। 

पंकज पाराशर ने बताया की, बिसाहड़ा के पड़ोस में घोड़ी बछेड़ा और तिल बेगमपुर हैं। घोड़ी बछेड़ा गांव भाटी गोत्र के हिन्दू ठाकुरों का है। तिल बेगमपुर में भाटी गोत्र के मुस्लिम ठाकुर का हैं। घोड़ी बछेड़ा गांव तिल बेगमपुर गांव को अपना बड़ा भाई मानता है। मतलब, एक हिन्दू गांव का बड़ा भाई मुस्लिम गांव है। 
इन लोगों के इसी भाईचारे, घटनाओं और इतिहास को डॉक्यूमेंटरी द ब्रदरहुड में दिखाया जायगा। अब जब देश में सांप्रदायिकता के नाम पर माहौल खराब किया जा रहा है। ऐसे में यह डॉक्यूमेंट्री अच्छा संदेश देती है। 

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर भी फिल्म के विषय और इसके ट्रेलर की खूब चर्चा हो रही है। ‘द ब्रदरहुड’ के सह-निर्देशक हेमंत राजौरा ने फिल्म का ट्रेलर ट्वीट किया है जिस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। 
देखिये ‘द ब्रदरहुड’ का ट्रेलर :

 







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ट्रेलर : डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'द ब्रदरहुड' का ट्रेलर हुआ रिलीज जो दादरी के बिसाहड़ा कांड पर बनी है

Updated on 18 May 2017 by Hindipost


              

दादरी के बिसाहड़ा कांड की हकीकत को बयां करती ये डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘द ब्रदरहुड’ मंगलवार की शाम को ट्रेलर रिलीज हो चूका है। इस ट्रेलर यू ट्यूब पर देखा जा सकता है। पहली ही झलक में पता चलता है कि बिसाहड़ा जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं परेशानी तो पैदा कर सकती हैं लेकिन यहां हिन्दू और मुस्लिमों के बीच गहरे रिश्तों को खत्म कभी नहीं कर सकती हैं। 

डॉक्यूमेंट्री ‘द ब्रदरहुड’ का निर्माण पंकज पाराशर ने ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब के सहयोग से किया है।  पंकज पाराशर ने बताया है की, ‘द ब्रदरहुड’ में बिसाहड़ा कांड और अखलाख की हत्या से पैदा हुई कई परिस्थितियों को दर्शाया है। यहां के दो गांवों घोड़ी बछेड़ा और तिल बेगमपुर के बीच रिश्ते इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म का मुख्य विषय हैं। घोड़ी बछेड़ा हिन्दू ठाकुरों का गांव है और तिल बेगमपुर में मुस्लिम ठाकुर रहते हैं। लेकिन घोड़ी बछेड़ा गांव, तिल बेगमपुर गांव को अपना बड़ा भाई मानता है। इसके पीछे कई ऐतिहासिक घटनाएं मानी जाती हैं। पंकज पाराशर ने बताया है की, करीब 24 मिनट के इस डॉक्यूमेंट्री के दौरान ग्रेटर नोएडा, दादरी, जैसलमेर, सोमनाथ और ऋषिकेश से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाएं और स्थल देखने को मिलेंगे। 

28 सितंबर साल 2015 की रात दादरी के गांव बिसाहड़ा में गौ हत्या के आरोप में अखलाख की हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद से इनटोलरेंस का जुमला भारतीय राजनीति और मीडिया में छा गया है। ऐसा लगा जैसे यहां हिन्दू और मुसलमान साथ नहीं रह सकते है। लेकिन तस्वीर बिल्कुल जुदा है। इस इलाके में हिन्दू और मुस्लिमों के रिश्तों को डॉक्यूमेंट्री सामने लाएगी। 

पंकज पाराशर ने बताया की, बिसाहड़ा के पड़ोस में घोड़ी बछेड़ा और तिल बेगमपुर हैं। घोड़ी बछेड़ा गांव भाटी गोत्र के हिन्दू ठाकुरों का है। तिल बेगमपुर में भाटी गोत्र के मुस्लिम ठाकुर का हैं। घोड़ी बछेड़ा गांव तिल बेगमपुर गांव को अपना बड़ा भाई मानता है। मतलब, एक हिन्दू गांव का बड़ा भाई मुस्लिम गांव है। 
इन लोगों के इसी भाईचारे, घटनाओं और इतिहास को डॉक्यूमेंटरी द ब्रदरहुड में दिखाया जायगा। अब जब देश में सांप्रदायिकता के नाम पर माहौल खराब किया जा रहा है। ऐसे में यह डॉक्यूमेंट्री अच्छा संदेश देती है। 

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर भी फिल्म के विषय और इसके ट्रेलर की खूब चर्चा हो रही है। ‘द ब्रदरहुड’ के सह-निर्देशक हेमंत राजौरा ने फिल्म का ट्रेलर ट्वीट किया है जिस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। 
देखिये ‘द ब्रदरहुड’ का ट्रेलर :